एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क (फिलाडेल्फिया)। लियोनेल मेसी, किलियन एम्बापे और एर्लिंग हालैंड तीनों ने दो-दो गोल किए जिससे वर्ल्ड कप गोल्डन बूट की दौड़ फुटबॉल के तीन सबसे बड़े सितारों के बीच मुकाबले में बदल गयी।
अपने 39वें जन्मदिन से दो दिन पहले, मेसी ने डलास स्टेडियम में आॅस्ट्रिया के खिलाफ अर्जेंटीना की 2-0 की जीत में दोनों गोल किये, जिससे उनके करियर के वर्ल्डर् कप गोल की संख्या रिकॉर्ड 18 हो गयी। अर्जेंटीना के कप्तान अब दो मैचों में पांच गोल के साथ टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल करने वालों की सूची में सबसे आगे हैं।
कुछ घंटों बाद फिलाडेल्फिया में, एम्बापे ने भी ऐसा ही किया और दो गोल किये, जिससे फ्रांस ने इराक को 3-0 से हराया, जबकि हाफटाइम के दौरान लगभग दो घंटे तक तूफान के कारण खेल रुका रहा। अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे फ्रांस के कप्तान ने तीन टूर्नामेंटों में कुल 16 वर्ल्ड कप गोल कर लिये हैं और पूर्व रिकॉर्ड-धारक मिरोस्लाव क्लोज की बराबरी कर ली है।
न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में हालैंड ने दो गोल किये और नॉर्वे ने सेनेगल को 3-2 से हराकर राउंड आॅफ 32 में जगह पक्की की। अपने पहले वर्ल्ड कप में खेल रहे 25 वर्षीय खिलाड़ी के नाम अब दो मैचों में चार गोल हैं; वे गोल्डन बूट की दौड़ में एम्बापे के बराबर और मेसी से एक गोल पीछे हैं।
हालांकि, इराक पर फ्रांस की जीत के बाद एम्बापे ने मेसी के साथ तुलना को ज्यादा महत्व नहीं दिया। एम्बापे ने कहा, लियो हमेशा गोल करते हैं और हमेशा करते रहेंगे। इसलिए मैं यह नहीं देख रहा कि वह क्या कर रहे हैं। मैं बस अपनी टीम की मदद करने पर ध्यान दे रहा हूं।
फ्रांस के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने कहा कि उनके कप्तान के पास रिकॉर्ड बुक में नया इतिहास रचने का पूरा मौका है। एम्बापे के पूर्व रिकॉर्डधारक मिरोस्लाव क्लोज के 16 वर्ल्ड कप गोल के रिकॉर्ड की बराबरी करने के बाद डेसचैम्प्स ने कहा, रिकॉर्ड तोड़े जाने के लिए ही होते हैं। हालैंड इस दौड़ में एक असली दावेदार के तौर पर उभरे हैं।
नॉर्वे ने आखिरी बार 1998 में वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था, जो हालैंड के जन्म से दो साल पहले की बात है, इसलिए यह इस स्ट्राइकर का पहला वर्ल्ड कप अभियान है। अभी और भी मैच खेले जाने बाकी हैं, इसलिए गोल्डन बूट की लड़ाई अभी भी खुली हुई है, जिसमें मेसी, एम्बापे और हालैंड तीनों ही दौड़ में शामिल हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। अर्जेंटीना ने आॅस्ट्रिया को 2-0 से हराया और इस मुकाबले के नायक मेसी रहे। उन्होंने पहले हाफ में शानदार फिनिश के साथ गोल कर विश्वकप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
इसके बाद इंजरी टाइम में जूलियन अल्वारेज के शॉट पर रिबाउंड को गोल में बदलते हुए उन्होंने अपना दूसरा गोल दागा। पांच गोल के साथ मेसी फिलहाल गोल्डन बूट की दौड़ में भी शीर्ष पर पहुंच गये हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। झारखंड टी-20 क्रिकेट लीग 2026 में शनिवार को खेले गये एक बेहद रोमांचक मुकाबले में जमशेदपुर स्टीलर्स ने धनबाद डायमंड्स को डीएलएस पद्धति के तहत 31 रनों से करारी शिकस्त दी। रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेले गये इस मैच में जमशेदपुर की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 220 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
डीएलएस मेथड के तहत धनबाद डायमंड्स को जीत के लिए 185 रन चाहिए थे। जवाब में रनों का पीछा करने उतरी धनबाद डायमंड्स की टीम ने जब 16 ओवरों में 8 विकेट खोकर 153 रन ही बनाये। जमशेदपुर स्टीलर्स को 31 रनों से विजेता घोषित कर दिया गया।
इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जमशेदपुर स्टीलर्स की शुरुआत काफी आक्रामक रही। सलामी बल्लेबाज कुमार करण ने महज 14 गेंदों में 2 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 30 रनों की तेज पारी खेली, जबकि कप्तान कुमार देवब्रत ने 27 गेंदों में 9 चौकों की मदद से 31 रन बनाये। मध्यक्रम में रवि शर्मा ने 20 गेंदों में 29 रन और नितिन कुमार पांडे ने 21 गेंदों में 34 रनों का उपयोगी योगदान दिया।
इसके बाद क्रीज पर आए मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने धनबाद के गेंदबाजों की जमकर क्लास लगायी। कुरैशी ने महज 31 गेंदों में 6 चौकों और 5 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 68 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर टीम के स्कोर को 220 तक पहुंचाया। धनबाद डायमंड्स की तरफ से शमशाद अहमद ने 4 ओवर में 48 रन देकर सर्वाधिक 2 विकेट चटकाये, जबकि सुशांत मिश्रा और मीत जैन को 1-1 सफलता मिली।
संशोधित लक्ष्य का पीछा करने उतरी धनबाद डायमंड्स की शुरूआत बेहद खराब रही और टीम लगातार अंतराल पर अपने विकेट गंवाती रही। सलामी बल्लेबाज विकास कुमार विशाल ने 6 गेंदों में 19 रनों की तेज शुरुआत जरूर की लेकिन वे बड़ी पारी नहीं खेल सके।
मध्यक्रम में अतुल सिंह सुरवार ने अकेले संघर्ष करते हुए 21 गेंदों में 2 चौकों और 4 छक्कों की मदद से सर्वाधिक 43 रनों की तेज पारी खेली, जबकि बिनीश दत्ता ने 16 गेंदों में 20 रन और आर्यमन सेन ने 18 गेंदों में 20 रनों का योगदान दिया, लेकिन यह प्रयास टीम को जीत दिलाने के लिए नाकाफी साबित हुआ और टीम 16 ओवरों में 153 रनों पर ही सिमट गयी।
जमशेदपुर स्टीलर्स के लिए प्रतीक रंजन ने किफायती गेंदबाजी करते हुए अपने कोटे में सिर्फ 17 रन देकर 2 विकेट झटके, वहीं अमन कुमार सिंह को भी 2 सफलताएं मिलीं। इसके अलावा हर्ष राणा, ऋतिक अनंत और अनुराग सिंह सेंगर ने भी 1-1 विकेट लेकर टीम की जीत सुनिश्चित की।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। पिछले दिन श्रीलंका ए के खिलाफ मैच के बाद भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ी के बीच बहर के बाद धक्का-मुक्की हो गई थी। इस पर सूर्यवंशी पर कार्रवाई की बातें भी सामने आ रही हैं। लेकिन इउउक सचिव देवजीत सैकिया ने सीधे तौर पर कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
सैकिया ने कहा कि 15 साल के स्कूली छात्र को सीनियर टीम के माहौल में धीरे-धीरे ढलने में मदद की जरूरत होती है। उन्होंने बोर्ड के उस फैसले के बारे में बताया जिसके तहत वैभव सूर्यवंशी के माता-पिता को इस महीने के आखिर में आयरलैंड और इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल दौरे पर उनके साथ जाने की इजाजत दी गयी है।
जबरदस्त हिटिंग करने वाले सूर्यवंशी, जिन्हें पहली बार भारतीय टी-20 टीम में चुना गया है, इस दौरे पर 7 मैचों (दो आयरलैंड के खिलाफ और पांच इंग्लैंड के खिलाफ) के लिए चुना गया है। यह दौरा 26 जून को बेलफास्ट में शुरू होगा।
सैकिया ने एक खास इंटरव्यू में कहा, देखिए, सीनियर लेवल पर सभी नेशनल टीमों की स्क्वाड में 14 या 15 साल का खिलाड़ी नहीं होता। कई दशकों बाद हमें वैभव सूर्यवंशी जैसा खिलाड़ी मिला है। उन्होंने कहा, एक समय सचिन तेंदुलकर (टेस्ट डेब्यू के समय 16.5 साल के थे) इतनी कम उम्र में नेशनल टीम में आये थे।
जब इतना छोटा बच्चा सीनियर टीम का हिस्सा होता है तो जाहिर है कि कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं। असम के लिए रणजी ट्रॉफी खेल चुके सैकिया ने आगे कहा, इसलिए, उन्हें सहज महसूस कराने और बड़ों के माहौल में ढलने में मदद करने के लिए जहां बाकी सभी खिलाड़ी 18 साल से ज्यादा उम्र के हैं और टीम मैनेजमेंट के सदस्य भी वयस्क हैं- हमें लगा कि यह मददगार होगा।
हम ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हमें लगता है कि इससे वैभव से जुड़ी कई दिक्कतें आसान हो जायेंगी। उन्होंने कहा, जब कोई स्कूली छात्र ट्रिप पर जाता है, तो आमतौर पर कोई सीनियर व्यक्ति उनके साथ होता है। वैभव अभी भी बच्चा है। वह अभी-अभी स्कूल से निकला है, या शायद स्कूल के आखिरी साल में है।
इसलिए, हमें उनके माता-पिता को उनके साथ यात्रा करने की इजाजत देना सही लगा। मुझे बहुत खुशी है कि उनके माता-पिता भी अपने बच्चे का अच्छे से ख्याल रख रहे हैं, जो न सिर्फ अभी बल्कि आने वाले दो-तीन दशकों तक भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी संपत्ति साबित होगा।
सैकिया को सोशल मीडिया पर चल रही उन अटकलों पर भी हैरानी हुई जिनमें कहा जा रहा था कि भारतीय बोर्ड सूर्यवंशी के खिलाफ कार्रवाई करेगा। यह मामला हाल ही में ए टीम के एक मैच के दौरान श्रीलंका ए टीम के खिलाड़ी विशन हलंबागे के साथ मैदान पर हुई तीखी बहस से जुड़ा है।
श्रीलंकाई खिलाड़ी की उकसाने वाली टिप्पणी के बाद बहस हुई और जब हलंबागे भारतीय खिलाड़ी के करीब आये, तो सूर्यवंशी ने उन्हें धक्का दे दिया। सैकिया ने पलटकर सवाल किया, सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें चल रही हैं कि बीसीसीआई कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है, वगैरह। क्या आप चाहते हैं कि बीसीसीआई मैच रेफरी के अधिकार क्षेत्र में दखल दे?
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्कक (रांची।)। झारखंड टी-20 लीग के बेहद रोमांचक मुकाबले में जमशेदपुर स्टीलर्स ने संथाल स्ट्राइकर्स को 15 रनों से शिकस्त दे दी है। इस मुकाबले में जमशेदपुर के बल्लेबाजों और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के आगे संथाल स्ट्राइकर्स की टीम लक्ष्य हासिल करने से चूक गयी।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जमशेदपुर स्टीलर्स की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 180 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में संथाल स्ट्राइकर्स की टीम 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 165 रन ही बना सकी।
जमशेदपुर स्टीलर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और सलामी बल्लेबाज मणिकांत मिश्रा बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गये। इसके बाद कप्तान कुमार देवब्रत और साहिल राज ने मोर्चा संभाला और मैदान के चारों तरफ रनों की बरसात कर दी। कुमार देवब्रत ने महज 49 गेंदों में 5 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 74 रनों की कप्तानी पारी खेली।
वहीं दूसरे छोर से साहिल राज ने उनका भरपूर साथ निभाते हुए 39 गेंदों में 56 रन बनाये, जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। मध्यक्रम में मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने भी 16 रनों का उपयोगी योगदान दिया। संथाल स्ट्राइकर्स की ओर से गेंदबाजी करते हुए प्रत्युष कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और 4 ओवर में 27 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जबकि शादाब हुसैन को 3 सफलताएं मिलीं।
181 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी संथाल स्ट्राइकर्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम के शीर्षक्रम के बल्लेबाज विवेक कुमार (0), कुमार सूरज (0) और विभोर पांडेय (8) सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए। संकट की घड़ी में अनमोल राज ने एकतरफा संघर्ष करते हुए 50 गेंदों में 92 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें उन्होंने 9 चौके और 5 शानदार छक्के जड़े।
अनमोल राज के अलावा निचले क्रम में मनीषी ने 15 गेंदों में 27 रन बनाकर जीत की उम्मीदें जगायीं, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण टीम लक्ष्य से दूर रह गयी। जमशेदपुर स्टीलर्स के लिए प्रतीक रंजन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 15 रन देकर 3 विकेट लिये, जबकि हर्ष राणा को 2 और साहिल राज और अनुराग सिंह सेंगर को 1-1 विकेट मिला। आॅलराउंड प्रदर्शन करने वाले साहिल राज और शानदार पारी खेलने वाले कप्तान कुमार देवब्रत इस जीत के मुख्य सूत्रधार रहे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। फीफा विश्व कप में नामी गिरामी सितारों के शानदार प्रदर्शन के बीच पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो अपने पहले मैच में कांगो के खिलाफ उतरेंगे तो छठा विश्व कप खेल रहे 41 वर्ष के इस दिग्गज पर सभी की नजरें होंगी।
फ्रांस के कायलियन एमबाप्पे और नॉर्वे के एर्लिंग नीदरलैंड पहले मैच में दो-दो गोल कर चुके हैं, जबकि अर्जेंटीना के लियोनल मेसी ने हैट्रिक लगाकर जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोसे के 16 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
रोनाल्डो भी छह विश्व कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बनना चाहेंगे। मेसी का भी यह छठा विश्व कप है लेकिन वह 2010 में गोल नहीं कर सके थे। रोनाल्डो ने पिछले सप्ताह टीम की रवानगी से पहले पुर्तगाल में कहा था, हम मैच दर मैच रणनीति बनाएंगे। अच्छी शुरुआत काफी जरूरी है।
कतर में 2022 में विश्व कप में सिर्फ एक गोल कर सके रोनाल्डो को दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच के दौरान बाहर बिठाया गया और स्विटजरलैंड के खिलाफ नॉकआउट चरण के मैच में भी वह बेंच पर रहे। वह यूरो चैंपियनशिप 2024 में भी गोल नहीं कर सके थे।
उन्होंने हालांकि यूएफा नेशंस लीग में आठ गोल करके पुर्तगाल को खिताब दिलाया जिसमें स्पेन के खिलाफ फाइनल में बराबरी का गोल शामिल है। वहीं अल नासर को पहला सउदी प्रो लीग खिताब भी दिलाया और क्लब के लिए 28 गोल कर चुके हैं।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। झारखंड टी-20 लीग में मंगलवार को खेले गये एक रोमांचक मैच में संथाल स्ट्राइकर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोयलांचल सुपर किंग्स को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी। कोयलांचल सुपर किंग्स द्वारा दिये गये 149 रनों के लक्ष्य को संताल स्ट्राइकर्स ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत महज 18.2 ओवरों में 3 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया।
संताल स्ट्राइकर्स की इस एकतरफा जीत में सलामी बल्लेबाज विवेक कुमार की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी का अहम योगदान रहा। मैच के आधिकारिक स्कोर कार्ड के अनुसार, पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोयलांचल सुपर किंग्स की शुरुआत धीमी रही और टीम निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 148 रन ही बना सकी।
टीम की ओर से शरनदीप सिंह भाटिया ने सर्वाधिक 58 रनों की जुझारू पारी खेली, जिसके लिए उन्होंने 47 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में 4 चौके व 1 छक्का लगाया। उनके अलावा मध्यक्रम में रोबिन मिंज ने 28 गेंदों में 6 चौकों की मदद से तेज तर्रार 40 रन बनाये। संताल स्ट्राइकर्स के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही शिकंजा कसे रखा, जिसमें प्रत्युष कुमार सबसे सफल गेंदबाज रहे।
उन्होंने अपने 4 ओवरों के कोटे में मात्र 17 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाये, जबकि मनीषि को 2 और शदाब हुसैन व रयान साइकोटा को 1-1 विकेट मिला। जवाब में 149 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी संताल स्ट्राइकर्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सलामी बल्लेबाज विभोर पांडेय बिना खाता खोले शून्य पर ही पवेलियन लौट गये।
इसके बाद विवेक कुमार ने कोयलांचल के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मात्र 36 गेंदों में 7 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 61 रनों की विस्फोटक पारी खेली। वहीं कुमार सूरज ने एक छोर संभाले रखा और 34 गेंदों में 34 रन बनाये।
अंत में सुमित कुमार (27 रन, 29 गेंद) और अरविंद कुमार (18 रन, 8 गेंद) ने नाबाद रहते हुए टीम को 18.2 ओवर में ही 154 रनों के स्कोर पर पहुंचाकर खिताबी जीत दिला दी। कोयलांचल सुपर किंग्स की तरफ से शुभम शर्मा, हर्ष राज और अमित कुमार को 1-1 सफलता मिली, लेकिन वे अपनी टीम की हार को टालने में नाकाम रहे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क (रांची)। झारखंड टी-20 लीग के एक रोमांचक मुकाबले में रांची टाइटंस ने संथाल स्ट्राइकर्स को 7 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की है। पहले बल्लेबाजी करते हुए संथाल स्ट्राइकर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 210 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसे रांची टाइटंस ने 19.3 ओवरों में महज 3 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया।
संथाल स्ट्राइकर्स की शुरुआत बेहतरीन रही। सलामी बल्लेबाज विवेक कुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 44 गेंदों में 8 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 101 रनों की शतकीय पारी खेली। उनके अलावा कुमार सूरज ने 41 और अनमोल राज ने नाबाद 33 रन का योगदान दिया।
रांची टाइटंस की ओर से गेंदबाजी में प्रिंस अनुराग मुर्मू ने सबसे ज्यादा 3 विकेट चटकाये, जबकि राजनदीप सिंह को 2 और सौरभ शेखर को 1 सफलता मिली। जवाब में 211 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी रांची टाइटंस की टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया।
राजनदीप सिंह ने ताबड़तोड़ पारी खेलते हुए मात्र 26 गेंदों में 7 छक्कों और 5 चौकों की बदौलत नाबाद 70 रन कूट डाले। उनके अलावा श्रेष्ठ ने नाबाद 47, सत्य सेतु ने 48 और शिखर मोहन ने 26 रनों की उपयोगी पारियां खेलीं। संथाल स्ट्राइकर्स के गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव करने में नाकाम रहे और प्रत्युष कुमार को छोड़कर कोई भी गेंदबाज विकेट लेने में सफल नहीं हो सका।
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