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झारखंड

ईमानदारी से किये गये परिश्रम से लक्ष्य की प्राप्ति निश्चित : राज्यपाल

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ईमानदारी से किये गये परिश्रम से लक्ष्य की प्राप्ति निश्चित : राज्यपाल
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एबीएन न्यूज नेटवर्क, बहरागोड़ा। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने बीते गुरुवार को टीपीएस डीएवी पब्लिक स्कूल, बहरागोड़ा के वार्षिक समारोह में विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि लगन हो और ईमानदारी से परिश्रम किया जाये तो लक्ष्य की प्राप्ति अवश्य होती है। 

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी दिनचर्या निर्धारित करें एवं उसका अनुसरण करें। जीवन में समय के महत्व को समझें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का स्थान आपके पैतृक संपत्ति, बैंक बैलेंस एवं धन-दौलत से ऊपर है, आप कहीं भी जायेंगे तो आपकी पहचान शिक्षा एवं संस्कार से होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ स्थल पर स्थापित इस विद्यालय में आयोजित इस समारोह में आकर बहुत प्रसन्नता हो रही है क्योंकि यहां पर चारों तरफ के दूरदराज के ग्रामों से विद्यार्थी पढ़ने आते हैं एवं उन्हें अच्छी शिक्षा प्राप्त हो रही है। राज्यपाल ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस युग में आप सभी तभी सफल हो पायेंगे, जब आप शिक्षित होंगे। 

शिक्षित होकर आप अपने समाज का भला भी करेंगे, समाज सुखी होगा तभी हमें वास्तविक सुख की अनुभूति होगी। इसीलिए शिक्षित होकर समाज को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना है। इसके लिए जीवन में अनुशासित रहकर कार्य करना जरूरी है। हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समय की पाबंदी, अनुशासित जीवन एवं दूरद्दष्टि के कारण आज वैश्विक नेता के रूप में स्थापित हुए हैं। 

उनकी दूरदृष्टि का ही परिणाम था कि कोरोना महामारी के समय भारत ने अति अल्प समय में स्वदेशी टीका विकसित किया। भारत ने टीका विकसित कर अपने देश के नागरिकों के टीकाकरण के साथ मानवता का परिचय देते हुए विकासशील देशों को बिना कोई मूल्य के टीका उपलब्ध कराकर अपनी कर्मठता एवं विश्व बंधुत्व की भावना का परिचय दिया।

राज्यपाल ने कहा कि हमारे देश में मैकाले की शिक्षा पद्धति ही लागू थी जिसके कारण हम परतंत्रता की भावना से उबर नहीं पा रहे थे। नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इस बात का ध्यान रखा गया है कि देश का सर्वांगीण विकास कैसे हो? उन्होंने इसी क्रम में बताया कि हमें विभिन्न भाषाओं को भी सीखना चाहिए। किसी भी भाषा में ज्ञान के महत्व को स्वीकार किया जाता है।

राज्यपाल ने विद्यालय द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आस-पास के ग्रामों के रहने वाले जो बच्चे पढ़ाई में पिछड़ गये हैं, उनसे संवाद स्थापित कर अवकाश में ट्यूटोरियल/ट्रेनिंग प्रोग्राम चलायें, यह एक पुनीत कार्य होगा। राज्यपाल महोदय ने सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं मेधावी छात्रों को पुरस्कृत किया।

राज्यपाल ने वार्षिक समारोह में भाग लेने के उपरांत लौटने के क्रम में एक दिव्यांग से मिले। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को उनके समस्याओं के निदान के लिए निर्देशित किया।

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