टीम एबीएन, रांची। भारत सरकार के हॉट्रीकल्चर कमिश्नर डॉक्टर प्रभात कुमार और झारखंड सरकार के कृषि विभाग के सचिव व अन्य पदाधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की गयी। इसका उद्देश्य झारखंड में खरीफ बुआई की प्रगति के साथ-साथ सूखे से निपटने की तैयारी और खरीफ फसल संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की गयी।
इसके अलावा राज्य के सभी संबंधित योजना नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं और केंद्रीय क्षेत्र की परियोजनाओं के कार्यान्वयन का विस्तार से पुनरावलोकन किया गया। बैठक के दौरान झारखंड सरकार के कृषि सचिव और निदेशक अबू बकर सिद्दीक और चंदन कुमार ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें झारखंड में कृषि संबंधी गतिविधियों, मुख्य फसलों और लागू की जा रही योजनाओं का अवलोकन किया गया।
उन्होंने राज्य में सूखे से निपटने की तैयारी के लिए किये जा रहे उपायों का भी उल्लेख किया। इस बात की भी स्वीकृत अभिव्यक्ति रही कि सूखे से निपटने की तैयारी के लिए केंद्र सरकार के सभी निर्देश सरकार को प्राप्त हो गये हैं और उसी के तहत योजना बनायी जा रही है तथा जरुरत के अनुसार समय-समय पर आवश्यक कदम उठाये जायेंगे।
भारत सरकार के हॉटिर्कल्चर आयुक्त डॉक्टर प्रभात कुमार ने बताया कि वातावरण में आ रहे नित नये बदलाव एक चिंता का कारण है और इसका सीधा प्रभाव कृषि पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि कृषि अगर प्रभावित होगी तो किसान और पूरा देश प्रभावित होगा। समीक्षा बैठक में खरीफ फसल की बुआई को लेकर राज्य सरकार की तैयारी क्या है इसे लेकर विस्तृत चर्चा हुई है। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था सिंचाई के लिए क्या हो सकती है उस पर मंथन किया गया है।
उन्होंने बताया कि 20 से 25 जुलाई तक मानसून की स्थिति स्पष्ट हो पायेगी। अगर मानसून अनुकूल रहता है तो बेहतर है, लेकिन प्रतिकूल होने की स्थिति में राज्य में जल के स्रोतों की क्या स्थिति है, उस पर समीक्षा की गयी। उन्होंने कहा कि अन्न योजना पर केंद्र सरकार काम कर रही है और झारखंड में भी इस योजना पर काम किया जा रहा है। यह योजना सुखाड़ की स्थिति में विकल्प के रूप में लागू की जायेगी।