टीम एबीएन, गुमला। जिले की रायडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के सबजोनल कमांडर राजेश गोप उर्फ टाइगर के दस्ते के सक्रिय 3 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने तीन राइफल और 15 गोली भी बरामद किया है।
एसडीपीओ विकास आनंद लंगुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी है। गिरफ्तार नक्सलियों पर विभिन्न थानों में आधा दर्जन से भी अधिक मामले दर्ज हैं। एसडीपीओ विकास आनंद लंगुरी ने बताया कि शुक्रवार रात को गुप्त सूचना मिली थी कि रायडीह थाना क्षेत्र के बाघलता और डुमरघाटी के बीच बरटोली जाने वाले रास्ते के जंगल के पास हथियार से लैस कुछ लोग छिपे हुए हैं।
सूचना थी कि वे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को दी गयी। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार एक टीम का गठन किया गया। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए टीम बाघलता जंगल पहुंची और छापेमारी शुरू कर दी।
पुलिस को देख भागने लगे नक्सली
छापेमारी करते हुए टीम आगे बढ़ी तो जंगल में कुछ लोगों की बात करने की आवाज सुनाई दी। तब टीम के सदस्य दो तरफ से घेराबंदी करते हुए आगे बढ़े। तभी पुलिस को आता देख तीन व्यक्ति भागने लगे। पुलिस की टीम ने खदेड़ कर तीनों को पकड़ लिया। उनके पास से 315 बोर का लोडेड दो देसी राइफल और 13 जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
वहीं पूछताछ करने पर गिरफ्तार व्यक्ति मंजित प्रधान उर्फ गुड्डू के घर से एक और 315 बोर का लोडेड देसी राइफल और दो गोली बरामद किया गया। गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान अनिल उरांव उर्फ कुठू, मंजित प्रधान उर्फ गुड्डू और गुड्डू सिंह के रूप में हुई है। इसमें अनिल उरांव के खिलाफ आधा दर्जन से भी ज्यादा मामले दर्ज हैं।
कड़ाई से पूछताछ पर गिरफ्तार लोगों ने बताया कि वे तीनों पीएलएफआई के सबजोनल कमांडर राजेश गोप उर्फ टाइगर के दस्ते के सदस्य हैं और संगठन के लिए काम करते हैं। संगठन को मजबूत करने के लिए सभी हथियार राजेश गोप ने उन्हें दिया था।