बारिश में वॉलीबॉल खेलना पड़ा महंगा
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची सहित राज्य के कई जिलों में हुए बारिश ने लोगों को गर्मी से निजात जरूर दिलायी है, लेकिन इस बारिश में हुए वज्रपात के कारण राजधानी रांची के इटकी प्रखंड अंतर्गत इटकी थाना के स्थानीय मैदान में विधानी गांव और पूरीयो गांव के बीच हो रहे वालीबॉल मैच के दैरान वालीबॉल खेल रहे 4 युवक व्रजपात की चपेट में आ गये। जिसमें दो युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी।
ठनका की चपेट में आकर मरने वाले युवकों की पहचान विधानी गांव के रहने वाले अनूप कुजुर (20) और सुशील मुंडा (19) के रूप में हुई है। वहीं दोनों घायल युवकों की पहचान दीवा उरांव और दुर्गा उरांव के रूप में की गयी है।
आकाशीय बिजली गिरने की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने दोनों मृतक युवक अनूप कुजूर और सुशील मुंडा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स अस्पताल भेजा है। वहीं वज्रपात में घायल दोनों युवकों का इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घर के इकलौता बेटे की मौत के बाद परिवार में मातम : स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक अनूप घर का इकलौता चिराग था, वह रांची के ही संत पॉल कॉलेज में इंटर में पढ़ाई कर रहा था। इकलौते 20 वर्षीय बेटे की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं दूसरा मृतक सुशील मुंडा के संदर्भ में स्थानीय लोगों ने बताया कि वह 11वीं कक्षा में पढ़ रहा था। दो-दो युवकों की वॉलीबॉल खेलने के दौरान व्रजपात की चपेट में आकर हुए मौत से गांव का माहौल गमगीन हो गया है।
वज्रपात से 3 की मौत, आधा दर्जन घायल : वहीं एक और घटना राजधानी रांची से सटे सोनाहातु प्रखंड के तेतला गांव में हुई है। जहां वज्रपात की चपेट में आकर राजेंद्र महतो (55) की मौत हो गयी। जबकि वज्रपात की चपेट में आकर खेत में काम कर रहे रोमिला देवी, दुलारी देवी और प्रदीप महतो गंभीर रूप से घायल हो गये। सभी घायलों को इलाज के लिए पुलिस प्रशासन के द्वारा रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया है। जबकि वज्रपात में मृत हुए 55 वर्षीय राजेंद्र महतो के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
एकाएक हुए बारिश के दौरान व्रजपात की चपेट में आकर राजधानी रांची में तीन लोगों की मौत हो गयी, जबकि आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गये हैं।
बता दें कि मौसम विभाग के तरफ से फोटो नहीं येलो अलर्ट जारी कर दिया गया था, किसानों को खतों में लगे ऊंचे पेड़ और तारवाले स्थानों से दूर रहने की हिदायत दी गयी।