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झारखंड

खूंटी : बालू खनन पर प्रशासन की कार्रवाई बेअसर

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खूंटी : बालू खनन पर प्रशासन की कार्रवाई बेअसर
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टीम एबीएन, खूंटी/ रांची। झारखंड हाईकोर्ट के द्वारा बालू का अवैध उत्खनन और तस्करी मामले पर हेमंत सरकार से जवाब मांगने के बावजूद खूंटी में बालू का अवैध उत्खनन और कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। प्रतिदिन तोरपा पुलिस अनुमंडलीय क्षेत्र के कारो नदी सहित कई नदियों से लगातार बालू का खनन जारी है और बड़े बड़े हाईवा से दूसरे जिले में इसकी तस्करी हो रही है।

एक तरफ खनन विभाग द्वारा सीज बालू की निलामी करके बिक्री करने की बात कहती हैं जिले में मात्र एक ही बालू घाट तोरपा के डोड़मा में बनाया गया है, जहां से एक भी बालू बिक्री नहीं होती है। लेकिन बालू भरा हाईवा से तस्करी बदस्तूर जारी है। अवैध खनन के कारण नदी का बालू अब समाप्त होने के कगार पर है। 

सरकार के एकमात्र डोड़मा के बालू घाट के संवेदक ने बताया कि उनके घाट से बालू की बिक्री होती ही नहीं है, जिसका मुख्य कारण प्रति सीएफटी करके बालू का शुल्क देना पड़ता है और नदियों से बालू खनन करके ले जाते हैं, तो लागत कम पड़ता है। इसलिए लोग सरकारी घाट से बालू नहीं ले जाते हैं। लोग चुपके से बालू की अवैध खनन करके इसकी बिक्री कर रहे हैं। 

जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि चोरी छिपे लोग बालू का अवैध उत्खनन करते हैं, जिनको पकड़ने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि जहां पर पहुंच नहीं बन पा रही है। वहां से बालू उठाव किया जा रहा है। लेकिन इस अवैध बालू उठाव और तस्करी को लेकर छापामारी और धर-पकड़ किया जाता है। जिनसे फाइन लेकर राजस्व वसूली किया जाता रहा है। हालांकि बालू की नीलामी स्थलों से बालू ले जाना है। 

वहीं खूंटी विधायक नीलकंठ सिंह मुण्डा ने बताया कि बालू की कालाबाजारी जारी है। लेकिन सरकार टेंडर नहीं कर रही है।

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