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झारखंड में साहित्य अकादमी बनने की दिशा में अभूतपूर्व कदम

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झारखंड में साहित्य अकादमी बनने की दिशा में अभूतपूर्व कदम
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टीम एबीएन, रांची। झारखंड साहित्य अकादमी  संघर्ष समिति (तदर्थ) के अध्यक्ष शिरोमणि महत्व महतो ने आज पहल करते हुए झारखंड विधानसभा में माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके कार्यालय में मुलाकात की तथा झारखंड के लेखकों की ओर से राज्य में साहित्य अकादमी बनाने हेतु एक ज्ञापन सौंपा तथा इसकी क्यों जरूरत है इस विषय पर चर्चा भी की। 

लगभग 15 मिनट चली इस मुलाकात में उनके साथ माननीय विधायक विनोद कुमार सिंह और लेखक कलाकार बासु बिहारी भी मौजूद थे। उन्होंने भी लेखकों के पक्ष में अपनी बात  मुख्यमंत्री महोदय के सामने रखी। 

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री महोदय की तरफ से इस दिशा में एक ठोस कदम उठाने का आश्वासन मिला । आशा है कि शीघ्र ही इस संबंध में कोई पहल की जायेगी। राज्य में हिंदी, क्षेत्रीय एवं जनजातीय भाषाओं के विकास एवं प्रोत्साहन के लिए एक अकादमी का होना बेहद आवश्यक है, जैसा कि लगभग सभी राज्यों में इसका गठन हुआ है। 

इस तरह की संस्था के गठन  से यहां के रचनाकारों को अच्छा लिखने एवं छपने में प्रोत्साहन मिलेगा साथ ही अनेक जनजातीय भाषाओं को भी संरक्षण मिलेगा। इस तथ्य मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया। 

ज्ञात रहे कि संस्था के अध्यक्ष शिरोमणी महतो विगत 3 वर्षों से अकादमी को स्थापित करने के लिए निरंतर संघर्षरत हैं और इसके लिए एक संघर्ष समिति भी बनायी गयी है जिसके तहत अनेक साहित्यिक कार्यक्रमों की घोषणा की गयी है।  एक सम्मान समारोह और पत्रिका का लोकार्पण अप्रैल माह में में होना तय किया गया है। 

मुख्यमंत्री से आश्वासन मिलने पर साहित्यकारों के बीच खुशी की लहर दौड़ गयी है और वे आशान्वित हैं कि जल्द ही राज्य में इसका गठन होगा, जिसके बाद साहित्यकारों को बहुत सारी सुविधाएं स्वता:  ही उपलब्ध हो जायेगी।

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