टीम एबीएन, रांची। डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल गांधीनगर में आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद की 200 वी जयंती का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के संपूर्ण परिसर को एक दिन पूर्व ही फूल मालाओं, विद्युत झालरों एवं दीप मालाओं से सजाया गया था।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं, सभी शिक्षकों के साथ शिक्षकेतर कर्मचारियों ने शोभायात्रा में भाग लिया। यह शोभायात्रा गांधीनगर कॉलोनी से कांके रोड होती हुई सीएमपीडीआई परिसर तक निकाली गयी। सैकड़ों की संख्या में बच्चों शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने झंडे, बैनरों एवं तख्तियों को लेकर शोभायात्रा को भव्यता प्रदान की। गीतों, भजनों एवं नारों से सड़कें गुंजायमान रही।
शोभायात्रा के बाद विद्यालय परिसर में सामूहिक यज्ञ का आयोजन किया गया। धर्म शिक्षक श्री पूर्णचंद्र ने विशेष वैदिक मंत्रों से यज्ञ संपन्न करवाया। इस अवसर पर विद्यालय के छात्रों ने महर्षि दयानंद की जीवन यात्रा से संबंधित गीत नाटिका की मोहक प्रस्तुति भी दी। प्राचार्य श्री एस के सिन्हा ने महर्षि दयानंद के विचारों एवं मान्यताओं को आत्मसात कर जीवन में उतारने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि महर्षि दयानन्द युगद्रष्टा ही नहीं समाज सुधारक थे, क्रांतिकारी ही नहीं, सच्चे भारतीय थे। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों, कुपरंपराओं, छुआछूत, जातिवाद आदि के मकड़जाल में उलझे भारतीयों का मार्गदर्शन किया। धर्म, शिक्षा, समाज सुधार आदि के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। वरिष्ठ शिक्षक डॉ वैद्यनाथ मिश्र ने दयानंद के राष्ट्रीय योगदान पर प्रकाश डाला तथा वर्तमान संदर्भ में उनके कृतित्व की प्रासंगिकता को स्पष्ट किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री निराकार आचार्य श्री बृजेश जी सिन्हा, लक्ष्मी कुमारी, अमरनाथ साव, के नलिनी, पुष्प झा, श्री ए के सिंह श्री के के प्रसाद, श्री मनोज कुमार, श्री पी के सहाय, कुंदन कुमार आदि की सराहनीय भूमिका रही।