टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में महात्मा नारायण दास ग्रोवर जी की पुण्यतिथि पर सामूहिक महाहवन का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थी तथा अध्यापकों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया।
हवनोपरांत कक्षा नवम की रिया कुमारी ने महात्मा ग्रोवर के व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद विद्यार्थियों के लिए महात्मा नारायण दास ग्रोवर के जीवन पर आधारित अंतर सदन प्रश्नोत्तरी की गयी, जिसमें श्रद्धानंद हाउस के विद्यार्थियों ने बाजी मारी।
प्राचार्य श्री संजय कुमार मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि महात्मा नारायण दास ग्रोवर त्याग एवं सेवा की प्रतिमूर्ति थे। वे केवल हाड़-मांस के बने साधारण मानव नहीं, अपितु महामानव थे, जिन्होंने डीएवी शिक्षा की ज्योति को घर-घर पहुंचाया। बिहार, बंगाल, उड़ीसा, झारखंड के लगभग 200 डीएवी विद्यालय उन्हीं की देन है। उन्होंने शिक्षा के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ समाजसेवा के अन्य कार्य भी किये।
आदिवासी बच्चों के लिए स्कूल खोलना, अस्पताल खोलना, बाढ़-भूकंप आदि पीड़ितों की सेवा करना उनके महत्त्वपूर्ण कार्य थे। उनके बताये मार्ग पर चलकर ही हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं। जब तक डीएवी विद्यालय रहेंगे, तब तक डीएवी के भीष्म पितामह तथा झोला वाले बाबा के नाम से जाने जानेवाले महात्मा ग्रोवर याद किये जाते रहेंगे, हम सबके प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। शांति पाठ तथा वैदिक जयघोष के साथ सभा समाप्त हुई।