एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने वर्ष 2027 तक लिम्फैटिक फाइलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध व्यक्त करते हुए कहा कि जनभागीदारी और संपूर्ण सरकार तथा संपूर्ण समाज दृष्टिकोण से देश से इस बीमारी को खत्म करने में सक्षम बना जायेगा।
श्री मांडविया ने बृहस्पतिवार को यहां देश में दवा देने (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, एमडीए) की वार्षिक पहल के दूसरे चरण का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत, मिशन मोड, बहु-सहभागी, बहु-क्षेत्र वाले अभियान से वैश्विक लक्ष्य से तीन साल पहले वर्ष 2027 तक लिम्फैटिक फाइलेरिया को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ भारती प्रवीण पवार तथा प्रो एसपी सिंह बघेल उपस्थिति रहे। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रिजेश पाठक, ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री निरंजन पुजारी, असम के स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता वर्चुअल रूप से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।