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मणिपुर की घटना पर देश में गुस्सा, संसद में विपक्ष का जोरदार हंगामा

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मणिपुर की घटना पर देश में गुस्सा, संसद में विपक्ष का जोरदार हंगामा
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  • पीएम मोदी बोले- गुनाहगार को नहीं छोड़ेंगे, सुप्रीम कोर्ट भी सख्त 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मणिपुर की घटना ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है। नेताओं से लेकर आम जनता तक, हर कोई इस घटना की कड़ी निंदा कर रहा है। मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न कर घुमाने की इस घटना पर पीएम मोदी ने कड़ी कार्रवाई की बात कही। कहा कि गुनाहगार को किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जायेगा।  

गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर के सीएम से इस मामले में बातचीत की। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सरकार से कहा कि अगर सरकार कुछ नहीं कर सकते तो हम करेंगे, क्योंकि यह मामला काफी गंभीर है।  इस बीच गुरुवार से शुरू संसद के दोनों सदनों में भी इस पर जोरदार हंगामा हुआ। 

उधर मणिपुर के मुख्यमंत्री ने इस मामले पर कहा कि वीडियो सामने आने के तुरंत बाद गुरुवार की मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है।  सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये। इस मामले में मृत्युदंड की संभावना पर भी विचार हो रहा है। 

मेरा दिल क्रोध व पीड़ा से भरा है 

पीएम मोदी ने मानसून सत्र के शुरू होने से पहले कहा कि आज जब मैं आपके बीच आया हूं, लोकतंत्र के इस मंदिर के पास खड़ा हूं तब मेरा हृदय पीड़ा और क्रोध से भरा हुआ है। मणिपुर की जो घटना सामने आयी है, वो किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। 

पाप करने वाले, गुनाह करने वाले कितने हैं, कौन हैं? वो अपनी जगह हैं, लेकिन बेइज्जती पूरे देश की हो रही है। 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है। मणिपुर की इन बेटियों के साथ जो हुआ है, इसको कभी माफ नहीं किया जा सकता। 

पीएम मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने राज्यों में कानून-व्यवस्था और मजबूत करें। खासकर हमारी माताओं-बहनों की रक्षा के लिए कठोर से कठोर कदम उठायें,  चाहे वह राजस्थान हो, छत्तीसगढ़ हो, मणिपुर हो या देश का कोई भी हिस्सा। 

विधि- व्यवस्था बनाए रखना और महिलाओं का सम्मान करना किसी भी राजनीतिक बहस से ऊपर रखा जाना चाहिए। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि किसी भी गुनाहगार को बख्शा नहीं जायेगा।  

सरकार कार्रवाई नहीं करेगी हो कोर्ट करेगा 

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर केंद्र सरकार से कार्रवाई करने को कहा। सीजेआइ डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि दो महिलाओं को नग्न कर घुमाने का जो वीडियो सामने आया है वो वास्तव में परेशान करने वाला है। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करेगी तो हम करेंगे। अब समय आ गया है कि सरकार ठोस कदम उठाये और कार्रवाई करे। 

संवैधानिक लोकतंत्र में यह बिल्कुल अस्वीकार्य है। कोर्ट ने केंद्र और मणिपुर सरकार से ये बताने को कहा कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए उन्होंने क्या कार्रवाई की है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को तय की है। 

संसद में हंगामा, लोकसभा स्थगित 

गुरुवार से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में इस घटना को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हमने स्पष्ट कर दिया है कि हम दोनों सदनों में मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार हैं। यह संवेदनशील विषय है, गृह मंत्री विस्तार से जवाब देंगे। 

स्पीकर को चर्चा की तारीख तय करने दें। हंगामा जारी रहने के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी। राज्यसभा में चर्चा की मांग करते हुए विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मणिपुर जल रहा है। 

महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहे हैं। पीएम चुप हैं। हम मणिपुर के मुख्यमंत्री के तत्काल इस्तीफे और राष्ट्रपति शासन लगाने की भी मांग करते हैं। वहीं सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि हम मणिपुर की घटनाओं पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं, उसके बावजूद कांग्रेस और बाकी विपक्षी दल सदन की कार्रवाई को रोका। ये स्पष्ट करता है कि विपक्ष सदन की कार्रवाई को चलने नहीं देना चाहती है।  

क्या है मामला 

पूरे देश को झकझोर देने वाली ये घृणित घटना चार मई को मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हुई थी। इसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। इसमें दिख रहा है कि पुरुष असहाय महिलाओं की नग्न परेड करा रहे हैं, उनके साथ लगातार छेड़छाड़ कर रहे हैं और महिलाएं रो रही हैं और उनसे छोड़ने की मिन्नतें कर रही हैं। 

आरोप है कि इन महिलाओं के साथ गैंगरेप भी किया गया है। पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसका नाम हुइरेम हेरोदास मेइती (32) है। मणिपुर में मेइती और कुकी समुदाय के बीच करीब दो महीने से जातीय हिंसा हो रही है। 

अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। तब से अब तक कम से कम 160 लोगों की जान जा चुकी है।

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