एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोविड की वजह से ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का भारत दौरा बार बार टल रहा था, लेकिन अब ब्रिटिश प्रधानमंत्री भारत दौरे पर हैं और इस दौरान भारत और ब्रिटिन के बीच कई अहम समझौते किए गये हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के बीच आज नई दिल्ली स्थिति हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई है, जिसमें यूक्रेन युद्ध, इंडो पैसिफिक समते कई मुद्दों पर बात हुई है।
भारत-ब्रिटेन में समझौते नई दिल्ली स्थिति हैदराबाद हाउस में भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों की बैठक के दौरान यूक्रेन में हिंसा का तत्काल अंत, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा साझेदारी को और गहरा करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में "स्वतंत्र और खुला" रखने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बीच काफी अहम बातचीत की गई है। ब्रिटिश पीएम ने गुरुवार को पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात से अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा की शुरुआत की है और आज उनकी यात्रा का दूसरा दिन है। नई दिल्ली में दोनों देशों ने शुक्रवार को एक नए रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए और साल के अंत तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को पूरा करने के विचार पर सहमत हुए हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमने "रोडमैप 2030" के कार्यान्वयन में हुई प्रगति की समीक्षा की और भविष्य के लिए कई लक्ष्य भी निर्धारित किए। यूक्रेन मुद्दे पर बातचीत शुक्रवार दोपहर साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि हमने तत्काल युद्धविराम और समस्या के समाधान के लिए यूक्रेन में बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया। हमने सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान के महत्व को भी दोहराया है। बोरिस जॉनसन की भारत यात्रा इसलिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में यूक्रेन की राजधानी कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की थी। वहीं, यूक्रेन युद्ध में ब्रिटिन रूस पर काफी ज्यादा आक्रामक है और ब्रिटेन ने रूस के खिलाफ कई प्रतिबंधों का ऐलान किया हुआ है। भारत के साथ अद्भुत बातचीत ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि हमने आज अद्भुत बातचीत की है और हर तरह से अपने संबंधों को मजबूत किया है। भारत और ब्रिटेन के बीच साझेदारी हमारे समय की परिभाषित दोस्ती में से एक है। इसके साथ ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि ब्रिटेन भी भारत को अपने लड़ाकू जेट बनाने में मदद करेगा। वहीं, भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल हमने (भारत-यूके) ने एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी शुरू की थी। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर काम चल रहा है। रक्षा क्षेत्र, व्यापार, जलवायु और ऊर्जा पर बातचीत हुई। स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भी बातचीत हुई है। वहीं, इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने अफगानिस्तान पर भी चिंता जताई है। उन्होंने अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि यह जरूरी है कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देशों में आतंकवाद फैलाने के लिए न किया जाए।