राहुल गांधी पर प्राथमिकी दर्ज करना तानाशाही का चरम
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उत्तराखंड के हल्द्वानी रैली स्थल पर भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं के अत्यंत निंदनीय एवं जातिवादी शुद्धिकरण अनुष्ठान की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे दलित विरोधी मानसिकता का घिनौना प्रदर्शन बताया है।
लोहरदगा सांसद ने कहा कि हमारे नेता, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे देश के सबसे वरिष्ठ दलित नेता हैं। उनके मंच का भाजपा के लोगों द्वारा गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण करना, यह सिर्फ खड़गे का नहीं, बल्कि पूरे दलित, आदिवासी, पिछड़ा और शोषित समाज का अपमान है। यह बताता है कि भाजपा-आरएसएस के मन में आज भी मनुवादी और जातिवादी जहर भरा हुआ है।
सांसद सुखदेव भगत नेकहा कि इस प्रत्यक्ष क्रम में लोकतंत्र के सजग प्रहरी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साहसिक एवं दृढ़ रुख अपनाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और ऋकफ दर्ज करने की मांग की थी। लेकिन उन लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय, उत्तराखंड पुलिस, जो भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रही है, ने चौंकाने वाले तरीके से उल्टा राहुल गांधी के विरुद्ध ही हल्द्वानी सिटी कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कर दी। यह भाजपा सरकार की तानाशाही, प्रतिशोध की राजनीति और तानाशाही रवैये का जीता-जागता सबूत है।
श्री भगत ने कहा कि भाजपा यह साबित कर रही है कि वह सामाजिक अन्याय की सबसे बड़ी कर्ता और संरक्षक है। जो भी व्यक्ति जाति-आधारित भेदभाव और दलितों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठायेगा, उसे भाजपा राज्य की पूरी ताकत से दबाने का काम करेगी। राहुल गांधी जी को निशाना बनाना, उनकी आवाज को दबाने की साजिश है, लेकिन कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता राहुल के साथ चट्टान की तरह खड़ा है।